बालक आश्रम गुना से 16 जून 25 को बालक सीनियर हॉस्टल उदयपुरी हुआ है शिक्षक का ट्रांसफर
जिला संयोजक सिसोदिया का मिल रहा मंगल सिंह को संरक्षण, दिनभर कार्यालय में बैठने से पूरा विभाग नाराज
गुना। आदिम जाति कल्याण विभाग गुना में एक शिक्षक का मामला पिछले 8 महीने से चर्चाओं का विषय बना हुआ है। उक्त शिक्षक का ट्रांसफर बालक आश्रम गुना से 16 जून 25 को बालक सीनियर हॉस्टल उदयपुरी होने के बाद 2 जुलाई 25 को रिलीव भी हो चुका है। बावजूद इसके संस्था पर नही पहुंचने से चर्चा है कि आखिर दिनभर विभाग में बैठकर प्राथमिक शिक्षक मंगल सिंह की ई एटेंडेंस कैसे लग रही है। इससे स्पष्ट होता है कि शिक्षक को डीओ बी सिसोदिया का संरक्षण प्राप्त है जिसके चलते वह दिनभर कार्यालय में बैठे रहते हैं। चुकी विभाग के नियम निर्देश सभी के लिए बराबर होते हैं ऐसी स्थिति में किसी शिक्षक का ऑफिस मैं बैठे रहना पूरे जनजातीय विभाग के स्टाफ की नाराजगी होना स्वाभाविक है।
दरअसल खास बात ये है कि शिक्षक मंगल सिंह शासकीय जनजातीय बालक आश्रम अंग्रेजी माध्यम गुना से कार्यमुक्त हो चुके हैं। इसके बावजूद भी शिक्षक मंगलसिंह आज दिनांक तक नवीन पदस्थापना संस्था बालक सीनियर हॉस्टल उदयपुरी नही पहुंचे। यह जांच का विषय है कि आखिर डीओ ट्रायवल का संरक्षण उन्हें क्यों प्राप्त है और उन्हें पढ़ाने की जगह ऑफिस में खानापूर्ति कर बच्चों की शिक्षा में देने वाला कीमती समय क्यों व्यर्थ कर रहे है। वर्तमान में बच्चों की परीक्षा का समय सिर पर है और शिक्षक संस्था पर नहीं पहुंच रहे तो कहीं न कहीं गरीब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक और डीओ की यह घोर लापरवाही बच्चों के भविष्य को बर्बाद करने के साथ ही स्थानांतरण नीति के विपरीत है।
आदि कर्मयोगी अभियान में भी धांधली, आरटीआई में जानकारी देने से किया जा रहा गुमराह
आदि कर्मयोगी अभियान के तहत चल रही योजनाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी छिपाकर आरटीआई आवेदक को गुमराह किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अभियान के अंतर्गत जिन हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया जाना था, उनके नाम सूची में दर्शाए गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कई पात्र हितग्राही आज भी लाभ से वंचित हैं। वहीं कुछ अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी में आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत दिनांक 20/8/25 से 22/8/25 तक प्रोसेस लैब में कितने प्रशिक्षणार्थी द्वारा प्रशिक्षण में भाग लिया। कितने प्रशिक्षणार्थी को 3 दिवसीय प्रशिक्षण में ठहराया गया। कितने प्रशिक्षणार्थी द्वारा नाश्ता, भोजन, रात्रिभोजन किया। प्रशिक्षणाथीयों का नाम पता तथा प्रोसीडिंग रजिस्टर तथा उपस्थिति पत्रक की प्रमाणित प्रति एवं कर्मयोगी अभियान कि 20/8/25 से दिनांक 22/8/25 तब के व्यय राशि के बिल वाउचर उपलब्ध कराना शामिल है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि कागजों में कार्य पूर्ण दर्शाए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थिति भिन्न है। इस मामले में जब संबंधित विभाग के अधिकारियों से सवाल किए गए तो स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। वहीं शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है या फिर आदि कर्मयोगी अभियान की आड़ में चल रही धांधली पर पर्दा पड़ा रहेगा।
बमौरी में आदिवासी सम्मेलन एक फ़रवरी को, अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्य करेंगे शिरकत
गुना। बमौरी विधानसभा के ग्राम डिगडौली में एक फ़रवरी को वृहद आदिवासी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है जिसमें अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संभागीय प्रभारी डॉ निशांत खरे,पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया एवं भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार भी शामिल होंगे।मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि सम्मेलन बमौरी विधानसभा के ग्राम डिगडौली में आयोजित किया जाएगा जिसमें जिले भर से आदिवासी समुदाय के लोग हिस्सा लेंगे ।सम्मेलन युवाओं को शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित करने एवं महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। आदिवासी सम्मेलन समाज को जागरूक, संगठित और सशक्त बनाने का माध्यम हैं और अपनी संस्कृति पर गर्व करते हुए एक सशक्त आदिवासी समाज के निर्माण में योगदान दें सकें। सम्मेलन रविवार एक फरवरी प्रातः ग्यारह बजे से प्रारंभ होगा। सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

