8 दिन जंगल में रखा और गलत काम को अंजाम दिया फिर भी पुलिस ने नही लिखी एफआईआर
खेड़ीकला मंदिर पर देवता पूजने गई नवविवाहिता को बलपूर्वक जंगल में उठा ले गए थे 8-10 लोग
पीडि़त परिवार ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार
गुना। जिले के मृगवास थाना क्षेत्र अंतर्गत विगत 10 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे एक नवविवाहिता महिला ठाकुर महाराज के मंदिर खेड़ीकला अपने देवर और देवरानी के साथ गई थी। इस दौरान प्रार्थिया महिला को 7-8 लोग आए और मारपीट करते हुए लूटपाट की और वह अपने साथ उसे जंगल में उठा ले गए। पीडि़त परिवार ने गायब महिला को ढूंढऩे के बदले पुलिस पर 70 हजार रूपये लेने का आरोप लगाया है। इसके बावजूद भी उसे पुलिस नही ढूढ़ पाई और किसी तरह वह रात को अपनी जान बचाकर दूसरे गांव पहुंची। जहां से महिला को थाने लाया गया, किंतु उसका ना तो मीडिकल कराया और ना ही उसकी एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस और आरोपियों से प्रताडि़त महिला ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
मसूरीखो निवासी पीडि़त महिला द्वारा पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत में बताया कि मुकेश बंजारा, नेना बंजारा, भूरा बंजारा निवासी बांखकेड़ा और लक्ष्मण निवासी ग्राम चोंड़ा ने आकर देवर देवेन्द्र और देवरानी वसुंधरा के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इसके बाद वह जेवर सोने की बाली, गले की खंगवारी चांदी की छीनने के साथ उसे दो मोटरसाईकिल से अपने साथ जबरदस्ती बांकखेड़ा जंगल में ले गए जहां दो दिन तक रखा। यहां से फिर राघौगढ़ के जंगल सकला में चार दिन तक रखा और बांकखेड़ा से सकला एक बुलेरो गाड़ी से ले गए थे। इतना ही नही आरोपी महिला को गाड़ी से फतेहगढ़ के जंगलों में ले गए जहां एक दिन रखा और रात करीब 4 बजे जब सभी लोग दारू के नशे में सो गए तो वह सरसों के खेत में घुसकर वमुश्किल से बीच। वहीं पास के एक गांव भीलपुरा में चली गई और अपने पति जीतू को फोन लगाकर जानकारी दी। इस बात की जानकारी जीतू ने अपने पिता कल्लू, चाचा दीमानसिंह, अमरलाल एवं थाना मृगवास के पुलिस वालों को दी, तब वह साथ में महिला को लेने गए। इसके बाद से ही पुलिस कार्यवाही की जगह पीडि़त महिला और उसके परिजनों पर राजीनामा का दबाव बना रही है।
गुमशुदा की मृगवास थाने में लिखाई थी रिपोर्ट
थाना मगवास, चौकी बांसाहेड़ा निवासी मसूरीखो कल्लू बंजारा ने बताया कि उसके बच्चे की बहू खेड़ीकला गई थी देवता धोकवे उनके साथ उनका छोटा बच्चा गया था। इस दौरान 8-10 लोग आए और मारपीट करते हुए एक लाड़ी को जंगल में ले गया। डूंढऩे की कोशिश तो कुछ जानकारी नहीं मिली। इसके बाद वह पुलिस थाने गए तो उन्होंने कहा कि साहब हमारी बहू ढूंढ़ो तो मृगवास पुलिस ने कहा कि 50 हजार लगेंगे। पैसा देने के बाद उन्होंने गुमशुदा की रिपोर्ट 001/2026 दिनांक 13/01/2026 दर्ज कर ली। 50 हजार रूपये देने के बाद भी जंगल जाने वाले सैनिकों को 20 हजार रूपये दिए तब जाकर उन्होंने बहू ढढ़़ीं तो करीब 8 दिन तक नहीं ढ़ंढ़ पाए। इसी बीच जंगल में रात को उनकी बहू मुश्किल से बची सरसों में से किसी के घर पहुंचकर। 8 दिन तक गायब रही और उनकी बहू के साथ गलत काम भी हुआ। 4 लोगों में से दो लोगों ने साथ दिया और दो लोगों ने गलत काम को अंजाम दिया।

