1,554 प्रकरण, 974 आरोपी गिरफ्तार; सागर के जागृति शरण प्रकरण के बाद और कसा शिकंजा, व्यावसायिक मात्रा से लेकर अमानक-जहरीली मदिरा तक पर सीधी कार्रवाई
भोपाल। अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ मध्यप्रदेश में आबकारी विभाग ने अब कार्रवाई को महज धरपकड़ तक सीमित न रखते हुए पूरे अवैध नेटवर्क पर प्रहार शुरू कर दिया है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों का असर तीन दिन में सामने आया है। 6 से 8 सितंबर तक चले विशेष अभियान में प्रदेशभर में 1,554 प्रकरण दर्ज किए गए, 12,107 लीटर अवैध मदिरा जब्त हुई और 974 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई की रफ्तार भी लगातार बढ़ी
अभियान के पहले दिन 475, दूसरे दिन 525 और तीसरे दिन सर्वाधिक 554 प्रकरण दर्ज हुए। तीन दिनों में क्रमशः 3,096, 4,729 और 4,282 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। आंकड़े बताते हैं कि अभियान के दौरान हर दिन औसतन चार हजार लीटर के आसपास अवैध मदिरा आबकारी अमले की पकड़ में आई।
कार्रवाई में छोटे कारोबारी ही नहीं, बड़े खेल पर नजर
अभियान में 50 लीटर तक अवैध शराब के निर्माण, कब्जे और विक्रय से जुड़े 1,536 प्रकरण धारा 34(1) के तहत दर्ज किए गए। वहीं 50 लीटर से अधिक की व्यावसायिक मात्रा की बरामदगी के 11 गंभीर मामले धारा 34(2) में दर्ज हुए। मानव उपयोग के लिए अनुपयुक्त अथवा विकृत स्पिरिट से जुड़े 7 मामलों में धारा 49-क के तहत कार्रवाई की गई।
यानी विभाग ने साफ कर दिया है कि कार्रवाई का दायरा केवल फुटकर विक्रेता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और सप्लाई से जुड़े तंत्र तक पहुंचने पर जोर है।
सागर में जागृति शरण प्रकरण के बाद मैदानी कार्रवाई तेज
सागर का जागृति शरण प्रकरण भी विभाग की सख्ती के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। इस मामले में आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना द्वारा दिखाई गई सख्ती के बाद अवैध मदिरा से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई और जवाबदेही को लेकर मैदानी अमले को स्पष्ट संदेश गया है।
विशेष अभियान के दौरान सागर जिले में 8 प्रकरण दर्ज किए गए। 118 लीटर अवैध शराब जब्त कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें धारा 34(1) के 6, धारा 34(2) का एक और धारा 49-क का एक गंभीर मामला शामिल है।
तीन दिन के आंकड़े दे रहे बड़ा संदेश
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए साफ संदेश दिया है—कार्रवाई अब छिटपुट नहीं, लगातार और निगरानी आधारित होगी। विभाग का फोकस अवैध शराब के स्रोत से लेकर उसके बाजार तक पहुंचने वाली कड़ियों को तोड़ने पर है। विशेष अभियान आगे भी जारी रखने की बात विभाग ने कही है। ऐसे में आने वाले दिनों में अवैध मदिरा के निर्माण केंद्रों, सप्लाई चैन और बड़े कारोबारियों पर और बड़ी कार्रवाई होने की उम्मीद है।

