गुना। नाबालिग बालक-बालिकाओं की गुमशुदगी एवं अपहरण के मामलों में गुना पुलिस द्वारा संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में चांचौड़ा थाना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर अलग-अलग मामलों में लापता हुई दो 17 वर्षीय नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल, संवेदनशील एवं मानवीय नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी चांचौड़ा मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में की गई।
अलग-अलग मामलों में दर्ज हुए प्रकरण
जानकारी के अनुसार, 3 सितंबर 2026 को चांचौड़ा थाना क्षेत्र से एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के लापता होने पर उसके भाई द्वारा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 292/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू की। इसी प्रकार 3-4 सितंबर 2026 की रात्रि में चांचौड़ा थाना क्षेत्र से एक अन्य 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के लापता होने पर उसकी मां द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में भी पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 294/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर तलाश शुरू कर दी।
मुखबिर तंत्र और तकनीकी संसाधनों से मिली सफलता
दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए चांचौड़ा थाना पुलिस ने तत्काल मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों सहित अन्य माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए लगातार सूचना संकलित की और संभावित स्थानों पर सघन तलाश की। पुलिस के निरंतर प्रयासों और सक्रिय सूचना तंत्र के परिणामस्वरूप 5 सितंबर 2026 को मुखबिरों से प्राप्त अलग-अलग सूचनाओं के आधार पर दोनों नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया।
बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर परिजनों को सौंपा
दस्तयाबी के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई और दोनों बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति की अध्यक्षा डॉ. नीरू शर्मा एवं सदस्यों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद दोनों बालिकाओं को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया के नेतृत्व में बीनागंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी, सउनि ताराचंद सगर, सउनि राकेश भील, प्रधान आरक्षक सुनील रघुवंशी, आरक्षक रोहित भदौरिया एवं महिला आरक्षक कविता शर्मा की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। गुना पुलिस द्वारा नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षा एवं उनकी सकुशल दस्तयाबी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता, तत्परता और प्रभावी पुलिसिंग के साथ कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही गई है।
