प्रेस कांफ्रेंस में पार्षद जाटव ने कहा दामोदर यादव मंडल माफी मांगे या अपने बयान वापस लें
अनर्गल बयानबाजी करने और वैमनस्यता फैलाने वाले मंडल की पार्षद रामवीर ने की घोर निंदा
अशोभनीय और अमर्यादित भाषा के विरोध में पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
गुना। जिले की विधानसभा राघौगढ़ और आरोन में आयोजित सभा के दौरान भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव मण्डल के भाषणों को लेकर शहर में सियासी हलचल तेज हो गई हैं। 17 फरवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में आपत्तिजनक बयानबाजी का आरोप लगाते हुए वार्ड 21 के कांगे्रस पार्षद रामवीर जाटव ने अपने लेटरपेड पर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने ज्ञापन में संबंधित नेता के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है और अशोभनीय तथा अमर्यादित भाषा का उपयोग करने पर कड़े शब्दों में निंदा की है। इसके साथ ही पार्षद ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यादव मंडल सार्वजनिक रूप से माफी मांगे या अपने बयान वापस लें।
ज्ञापन कार्यक्रम के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्षद रामवीर ने कहा कि इस तरह के भडक़ाऊ बयान सामाजिक सौहार्द्र और कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। उनकी भाषा शैली ठीक नही है उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और मध्यप्रदेश के भावी भविष्य राघौगढ़ विधायक जयवर्धनसिंह के बारे में अनर्गल बयानबाजी करके वैमनस्यता फैलाने का काम किया है। पार्षद श्री जाटव का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह राजनीति में उनके आदर्श हैं वे दिलों पर राज करने वाले राजा हैं। उनके पुत्र युवराज जयवर्धनसिंह उनके नक्शे कदम पर चल रहे हैं इसलिए ऐसी बयानबाजी से उनके आत्मसम्मान को ठेंस पहुंचाना यानि उनके कार्यकर्ता को ठेंस पहुंचाना है। कांग्रेस पार्षद रामवीर जाटव ने कहा कि यह अपमान वे हरगिज नही सहेंगे चाहे उन्हे आंदोलन ही क्यों न करना पड़े। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव की आमसभा/रैली पर रोक लगाई जाए और उनके विरूद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाए।
भडक़ाऊ भाषण देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय
प्रेस कॉन्फ्रेंस के उन्होंने कहा कि मैं स्वयं अनुसूचित जाति जाटव समाज से संबंध रखता हूँ एवं वर्तमान में वार्ड क्र.21 से पार्षद हूँ। और यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि किसी भी जाति, वर्ग और नाम पर समाज में भडक़ाऊ भाषण देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक एवं सामान्य सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया है। व्यक्तिगत रूप से भी जब मैं कठिन परिस्थितियों में था तब उन्होंने मेरा सहयोग किया, जबकि तथाकथित सामाजिक संगठन के नेता अनुपस्थित रहे। दिग्विजय सिंह द्वारा एससी/एसटी महिलाओं एवं वंचित वर्गों के लिये प्रमुख कार्य मुख्यमंत्री कार्यकाल वर्ष 1993 से 2003 तक किए गए। वे आज भी हर वर्ग विशेष के संकट में साथ खड़े दिखाई देते हैं। ऐसे हमारे आदर्श राष्ट्रीय नेता को सार्वजनिक मंचों से असंवैधानिक भाषा से कोसना घोर निंदनीय कृत्य है।

