कलेक्ट्रेट में नारेबाजी कर अजाक्स के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के समक्ष रखीं प्रमुख मांगें
गुना। मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ गुना के तत्वावधान में ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों के साथ मंगलवार कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। इस दौरान अजाक्स और ओबीसी के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के समक्ष विभिन्न प्रमुख मांगों को रखा।
एससी-एसटी और ओबीसी महासभा के द्वारा जिला प्रशासन को सौंपे गए दो अलग-अलग ज्ञापनों में उल्लेख किया है कि ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। वहीं दूसरी प्रमुख मांग ये है कि आदिवासी संतोष वर्मा, आईएएस अजाक्स प्रांताध्यक्ष के विरूद्ध की गई अन्यायपर्ण कार्यवाहियों को समाप्त किया जाकर विभाग में यथावत पदस्थ किया जाकर एवं शीघ्र उनके प्रमोशन की रोक हटाई जाए। इसी प्रकार एससी-एसटी-ओबीसी बैकलॉग पदों की एक माह के अंदर शीघ्र अतिशीघ्र भर्ती किया जाए जो पद डाइंग केडर घोपित किए गए हैं उन पदों पर पहले वैकलाग भर्ती की जाए उसके पश्चात पदों को डाइंग केडर घोषित किया जाए। ओबीसी के रोके गए 13 प्रतिशत पदों को तत्काल अनहोल्ड किए जाए। वहीं निजी क्षेत्रों एवं आउटसोर्स में एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जाए। पदोन्नति में ओबीसी को भी जनसंख्या अनुपात में आरक्षण दिया जाकर ओपीएम पुरानी पेंशन लागू की जाए आदि मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं। इस मौके पर रमेशचंदं अहिरवार जिला अध्यक्ष अजाक्स गुना, प्रांतीय सचिव बसंत खरे, ओबीसी महासक्षा के संरक्षक प्रकाशसिंह धाकड़, संरक्षक प्रो. डॉ. मनोज भिरोरिया, बौद्ध महासभा के डीपी गोलिया, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष कीर्ति मोरोलिया, अशोक जाटव सेमरा, भीम आर्मी से राजपाल जाटव, पहलवान सिंह तिलवे, दिनेश कुमार जाटव, संतोष अहिरवार, कोषाध्यक्ष अम्बरीश कुश्तवार सहित बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

