उपयंत्रियों की पदस्थापना इस ब्लॉक में तो निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी दूसरे ब्लॉक में
विसंगतियों के चलते समय पर नहीं पहुंच रहे इंजीनियर, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
गुना। जिले में जनपद पंचायतों और कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग गुना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शासन के निर्देशों के बावजूद उपयंत्रियों की पदस्थापना और कार्यक्षेत्र में कथित विसंगतियों के चलते व्यवस्था प्रभावित होने के आरोप लग रहे हैं। स्थिति यह है कि उपयंत्रियों की पदस्थापना इस ब्लॉक में है, जबकि उन्हें निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी दूसरे ब्लॉक में सौंपी जा रही है। इससे न केवल विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी भी प्रभावित होने की आशंका है।
दरअसल मामला ये है कि कुछ उपयंत्री अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में समय पर नहीं पहुंच रहे हैं। इसके चलते पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण और मूल्यांकन प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इंजीनियरों की समय पर उपलब्धता नहीं होने से निर्माण कार्यों की प्रगति पर असर पड़ने के साथ ही गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उपयंत्रियों की मनमानी से व्यवस्था पर पड़ रहा असर
जिले की जनपद पंचायतों और आरईएस विभाग में जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि जब शासन ने पदस्थापना और कार्य संचालन के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं, तो उनका पालन सुनिश्चित क्यों नहीं किया जा रहा है? यदि उपयंत्रियों को दूसरे ब्लॉक में कार्य की जिम्मेदारी दी जाती है, तो उनके कार्यक्षेत्र, उपस्थिति और निरीक्षण की जवाबदेही भी स्पष्ट होनी चाहिए। अन्यथा विभागीय समन्वय की कमी का खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों को भुगतना पड़ सकता है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से खिलवाड़ की आशंका
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में उपयंत्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि इंजीनियर समय पर मौके पर नहीं पहुंचते और नियमित निरीक्षण नहीं होता, तो निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, निर्माण कार्यों में कथित सांठगांठ के आरोप भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित निर्माण कार्यों की जांच और विभागीय दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही हो सकती है।
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
अब सवाल यह है कि जिले की जनपद पंचायतों और आरईएस विभाग में पदस्थापना और कार्य आवंटन की व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है? क्या संबंधित अधिकारियों को उपयंत्रियों की उपस्थिति और कार्यों की स्थिति की जानकारी नहीं है, या फिर इन मामलों में जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? प्रशासन को चाहिए कि उपयंत्रियों की पदस्थापना, कार्य आवंटन, उपस्थिति और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराए। साथ ही शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।

