राजनेताओं का नाम इस्तेमाल कर लोगों को डराने, धमकाने का काम करने वाले भूमाफिया पर 8 एफआईआर दर्ज
तीन साल से शिकायतें करने का दावा, दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी वारंट की स्थिति स्पष्ट करने की मांग
गुना। शहर के रोड किनारे रघुवंशी कॉलोनी स्थित एक बेशकीमती प्लॉट का मामला गहराता जा रहा है। मामला एक सिन्धिया समर्थक और सदर बाजार निवासी एक जैन परिवार का है। गुरुवार को इस सम्बन्ध में आयोजित एक प्रेसवार्ता में प्रांशुल जैन ने अपनी पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके 38 वर्ष पुराने प्लॉट पर महेश रघुवंशी द्वारा कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर उनके और परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज, मारपीट तथा जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। जिसकी उन्होंने पुलिस और प्रशासन के समक्ष कई बार शिकायतें की किंतु आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रांशुल जैन ने बताया कि उनका रघुवंशी कॉलोनी में प्लॉट नंबर 16, खसरा नंबर 210/3/1 स्थित है। उक्त प्लॉट का कुल क्षेत्रफल 1,500 वर्गफीट है। इस संपत्ति के उनके पास रजिस्ट्री, खसरा तथा नामांतरण सहित समस्त आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं। इसके बावजूद भी महेश रघुवंशी उनकी संपत्ति पर कब्जे का प्रयास कर परिवार को धमका रहा हैं।
तीन वर्षों से शिकायतें करने का दावा
प्रांशुल जैन का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से कथित कब्जे के प्रयास, मारपीट और जान से मारने की धमकियों के संबंध में शिकायतें कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन देने की बात कही। उनका आरोप है कि शिकायतों और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण उनका परिवार भय के माहौल में रहने को मजबूर है।
दो एफआईआर का हवाला, हालिया घटना की जांच की मांग
प्रांशुल जैन ने अपने बयान में एफआईआर क्रमांक 206/2023 का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें भारतीय दंड संहिता की धाराओं 294, 323 और 506 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अतिरिक्त उन्होंने एफआईआर क्रमांक 0955/2026 का हवाला देते हुए बताया कि इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्लॉट पर जाने के दौरान उनके परिवार के साथ विवाद, मारपीट और धमकी की घटनाएं होती हैं। जैन के अनुसार, 10 अगस्त 2026 को प्लॉट दिखाने गए एक व्यक्ति पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस घटना की एफआईआर करीब दो महीने बाद दर्ज हुई। उन्होंने पुलिस से देरी के कारणों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
राजनीतिक रसूख के इस्तेमाल का भी आरोप
प्रांशुल जैन ने आरोप लगाया कि महेश रघुवंशी कथित तौर पर राजनीतिक संबंधों का हवाला देकर लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश करता है। जैन ने अपने बयान में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और महेंद्र सिंह सिसोदिया के नाम का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी शिकायत इन नेताओं के विरुद्ध नहीं है, बल्कि उनका आरोप है कि संबंधित व्यक्ति उनके नाम और कथित राजनीतिक संबंधों का इस्तेमाल कर धौंस दिखाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यायपालिका में पदस्थ एक रिश्तेदार के नाम का कथित तौर पर प्रभाव दिखाकर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। जैन ने इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी प्रकार का अनुचित दबाव या प्रशासनिक लापरवाही सामने आए तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
अन्य मामलों और गिरफ्तारी वारंट की स्थिति स्पष्ट करने की मांग
पीड़ित परिवार ने संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध म्याना और गुना कोतवाली थानों में दर्ज कुछ अन्य एफआईआर का भी उल्लेख किया है। उन्होंने इन मामलों में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि शिकायतों और दर्ज प्रकरणों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है। उन्होंने न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने की जानकारी का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन से वारंट की वर्तमान स्थिति और उसकी तामील के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति पर जिला बदर की कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि आखिर उनके इस कारनामे के पीछे किसका हाथ है और कौन इस काम को अंजाम देने में संरक्षण दे रहा है इसकी भी जनहित में जांच आवश्यक है।
परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
प्रांशुल जैन ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी सभी शिकायतों और दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। कथित मारपीट, जान से मारने की धमकियों और संपत्ति पर कब्जे के प्रयासों की जांच कराई जाए तथा 10 अगस्त 2026 की घटना की एफआईआर दर्ज करने में हुई कथित देरी के कारणों का पता लगाया जाए। उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, न्यायालयीन आदेशों की स्थिति स्पष्ट करने और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या अनुचित दबाव की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। प्रांशुल जैन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी से राजनीतिक टकराव करना नहीं, बल्कि अपनी संपत्ति, सम्मान और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराना है। उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसी भी अनहोनी से पहले मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

