एकजुट पत्रकारिता ही अधिकारों की असली ताकत, संगठन उसी ताकत को देता है आवाज : डॉ. अरुण सक्सेना
बदरवास। पत्रकार की कलम सवाल उठाने, व्यवस्था का ध्यान आकर्षित करने और समाज की आवाज बनने की ताकत रखती है। लेकिन जब यही कलम सैकड़ों पत्रकारों की एकजुट आवाज के साथ उठती है तो उसकी प्रभावशीलता और बढ़ जाती है। पत्रकारों की ताकत उनकी एकजुटता में है और संगठन इसी सामूहिक शक्ति को दिशा देने का माध्यम है। यह बात जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (JUMP) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने बदरवास में आयोजित प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
डॉ. सक्सेना ने कहा कि ‘संगठन’ शब्द ‘संघ’ और ‘गठन’ के मेल से बना है। केवल एक स्थान पर एकत्र होना संगठन नहीं है, बल्कि समान उद्देश्य के लिए जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ एकजुट होकर कार्य करना ही संगठन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि किसी पत्रकार के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा या हित का विषय सामने आने पर संगठन को उसकी आवाज बनकर मजबूती से उसके साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारों के सामने रोजगार, सुरक्षा, सम्मान, सामाजिक संरक्षण और कार्यस्थल से जुड़े अनेक सवाल हैं। इन मुद्दों को केवल व्यक्तिगत शिकायतों तक सीमित रखने के बजाय सामूहिक विमर्श, जागरूकता और संगठित प्रयासों के माध्यम से उठाना आवश्यक है। मजबूत संगठन वही है, जिसमें पदाधिकारी से लेकर सामान्य सदस्य तक यह विश्वास हो कि संगठन उसके साथ है और वह संगठन के साथ खड़ा है। डॉ. सक्सेना ने पत्रकारों से संगठन को केवल पद और सदस्यता तक सीमित नहीं रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक पहचान उसके सदस्यों की सक्रियता, आपसी विश्वास और पत्रकार हितों के मुद्दों पर एकजुट होकर खड़े होने की क्षमता से होती है। JUMP प्रदेशभर के पत्रकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य करेगा।
पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी, गो-रक्षक गोमाता की सेवा के प्रहरी : डॉ. नवीन आनंद जोशी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने कहा कि गो-रक्षक गोमाता की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित हैं, वहीं पत्रकार लोकतंत्र की रक्षा के प्रहरी हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और गोसेवकों का संयुक्त सम्मान इस आयोजन को विशेष बनाता है। उन्होंने पत्रकार साथियों से संकल्प लेने का आग्रह करते हुए कहा कि “कलम की ताकत से लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और अपने कर्म से गोमाता की सेवा करेंगे।” उन्होंने पत्रकारिता को समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से जोड़ते हुए अपने दायित्वों के निर्वहन पर जोर दिया।
वाहन रैली में नजर आई पत्रकारों की एकजुटता
प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पत्रकार बदरवास पहुंचे। कार्यक्रम से पहले होटल स्काईलाइन से पत्रकारों की वाहन रैली निकाली गई, जिसमें आधा सैकड़ा से अधिक चार पहिया वाहन शामिल रहे। वाहनों का काफिला आयोजन स्थल तक पहुंचा तो बदरवास में पत्रकारों की संगठनात्मक एकजुटता का माहौल दिखाई दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया।
अतिथियों का पुष्पहार, साफा, शाल-श्रीफल से सम्मान
कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों डॉ. अरुण सक्सेना, डॉ. नवीन आनंद जोशी, गौपुत्र शिशुपाल यादव, जनपद अध्यक्ष मीराबाई परिहार, सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक एन.आर. आर्य, ओमप्रकाश शर्मा, महेंद्र शर्मा, डॉ. कमल आलोक प्रसाद, अमित रैकवार, योगेश सक्सेना, राहुल सक्सेना, एडवोकेट मनोजलाल अहिरवार तथा विशाल वासु सक्सेना सहित अन्य पदाधिकारियों का आयोजक टीम के रामनिवास शर्मा, राधेश्याम यादव, पवन यादव एवं गौरक्षक समिति के सदस्यों ने पुष्पहार से स्वागत किया। इस अवसर पर अतिथियों को साफा बांधकर शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
सदस्यता अभियान संख्या बढ़ाने का नहीं, पत्रकारों को जोड़ने का माध्यम होगा : डॉ. कमल आलोक प्रसाद
JUMP के प्रांतीय सचिव डॉ. कमल आलोक प्रसाद ने कहा कि संगठन का आगामी सदस्यता अभियान केवल सदस्य संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेशभर के पत्रकारों को एक साझा मंच से जोड़ने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संगठन का विस्तार करते हुए स्थानीय स्तर के साथ-साथ व्यापक पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा। प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में संगठन के विस्तार, आगामी सदस्यता अभियान, नई कार्यकारिणियों के गठन तथा पत्रकार हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे पदाधिकारियों और पत्रकारों ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने को लेकर अपने विचार साझा किए।
गुना जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी हेमराज जाटव को तो ग्वालियर संभाग प्रभारी का दायित्व अंसार खान को सौंपा
बैठक में संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। गुना जिलाध्यक्ष अंसार ख़ान को पदोन्नत कर ग्वालियर संभाग का प्रभारी बनाया गया। वहीं गुना के पत्रकार साथी हेमराज जाटव को गुना जिलाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। इसी क्रम में आयोजक समिति के ब्लॉक अध्यक्ष रामनिवास शर्मा को पदोन्नत कर वरिष्ठ संभागीय उपाध्यक्ष बनाया गया, जबकि पत्रकार साथी पवन यादव को बदरवास ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
पत्रकारों के साथ गौसेवकों का भी सम्मान
कार्यक्रम को बृजवासी गौरक्षक सेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। सेवानिवृत्त डीएसपी एन.आर. आर्य ने पत्रकार साथियों को उनके कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके बाद प्रदेशभर से पहुंचे पत्रकारों एवं गौसेवकों को प्रमाणपत्र और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में पत्रकारिता एवं सामाजिक सेवा से जुड़े लोगों के प्रति सम्मान और प्रोत्साहन का भाव दिखाई दिया। कार्यक्रम में संभागीय महासचिव रोहित (सानू) सक्सेना, शालू गोस्वामी, आरती जैन, एडवोकेट ब्रजेश श्रीवास्तव, लक्ष्मीकांत शाक्य, सोनू श्रीवास्तव, राकेश कुशवाह, मनोज शिवहरे, अगम द्विवेदी, सूर्य प्रकाश यादव, देवेश चित्रांशी, ब्लॉक अध्यक्ष चांचौड़ा कल्याण सिंह तोमर, ब्लॉक अध्यक्ष तराना रघुवीर प्रजापति, ब्लॉक अध्यक्ष सिरोंज अशोक मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष लटेरी उदयभान सिंह राजपूत, ब्लॉक अध्यक्ष आरोन, ब्लॉक उपाध्यक्ष आरोन राजा मुगल, रिंकू विश्वकर्मा, आरोन ब्लॉक महासचिव लकी श्रीवास्तव, किशन कश्यप, गोलू सेन, शाहरुख खान, शंभू सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि एवं JUMP उज्जैन के सचिव नईम आफताब कुरैशी ने किया।
बदरवास से गया पत्रकार एकजुटता का संदेश
JUMP की प्रांतीय कार्यसमिति की यह बैठक संगठनात्मक फैसलों और नई जिम्मेदारियों के साथ पत्रकारों के बीच एकजुटता, जागरूकता और सक्रिय भागीदारी का संदेश भी दे गई। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकारों ने संगठन विस्तार और पत्रकार हितों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पत्रकारिता की भूमिका केवल खबरों के प्रकाशन तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहते हुए एक-दूसरे के साथ खड़ा होना भी संगठनात्मक दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

