सड़क पर सरिया, सीमेंट, भसुआ के लोडिंग-अनलोडिंग वाहनों पर कार्रवाई की मांग, छोटे दुकानदारों ने प्रशासन से सड़क पर यातायात सीमा निश्चित करने की सार्थक चर्चा
गुना। शहर में अतिक्रमण के नाम पर गुमठियों और छोटी दुकानों को हटाने की कार्रवाई को लेकर गुमठीधारियों और छोटे दुकानदारों में चिंता बढ़ गई है। मंगलवार शाम कलेक्टर कार्यालय परिसर में बीज निगम के किनारे संचालित गुमठियों के संचालक बड़ी संख्या में पहुंचे और प्रशासन से गुमठियों को हटाने के बजाय समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की।
दरअसल गुमठीधारियों का कहना है कि वर्षों से छोटे स्तर पर व्यवसाय और मैकेनिक का काम कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले लोगों की गुमठियां हटाने से उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि प्रशासन को सभी पक्षों से चर्चा कर बीच का रास्ता निकालना चाहिए। गुमठीधारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क के संबंध में एक स्पष्ट सीमा निर्धारित कर दी जाए, ताकि उसके भीतर कोई दुकान या गुमठी न हो और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो। उनका कहना है कि यदि सड़क की सीमा तय कर दी जाती है तो छोटे दुकानदार भी अपनी दुकानों को उसी के अनुरूप व्यवस्थित कर सकते हैं।
सरिया, सीमेंट, भसुआ के लोडिंग-अनलोडिंग वाहनों पर भी उठे सवाल
गुमठीधारियों ने सड़क पर यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही तथा सरिया, सीमेंट, भसुआ के लोडिंग-अनलोडिंग करने वाले वाहनों के कारण यातायात प्रभावित होता है। ऐसे वाहनों के खिलाफ यातायात विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि केवल छोटे दुकानदारों और मैकेनिकों को हटाने की कार्रवाई करने के बजाय यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने वाले सभी कारणों पर ध्यान दिया जाए। गुमठीधारियों ने कहा कि गरीब और छोटे व्यवसायियों को हटाकर बेरोजगार करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। फ़िलहाल गुमठीधारियों ने प्रशासन से सार्थक चर्चा कर ऐसी व्यवस्था बनाने का निवेदन किया, जिसमें यातायात व्यवस्था भी सुचारू रहे और छोटे दुकानदारों का रोजगार भी न छिने।

