छात्र न विदेश गया और न यूनिवर्सिटी में जमा हुई फीस, चार नोटिस के बाद भी नहीं लौटाए पैसे
एक साल पहले इस मामले की भनक लगते ही जानकारी लेने पहुंचे मीडियाकर्मियों से अधिकारियों ने छुपा रखी थी जानकारी
गुना। जिले में पिछड़ा वर्ग के एक छात्र को विदेश में उच्च शिक्षा दिलाने के लिए शासन से मिली ₹36.85 लाख की छात्रवृत्ति की राशि कथित तौर पर हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो में दाखिले के नाम पर मिली रकम को फीस जमा कराने के बजाय छात्र दीपक धाकड़ और उसके पिता धर्मेंद्र धाकड़ के बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया गया। विभाग की शिकायत पर कैंट थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत FIR दर्ज की है। खास बात ये है कि इस प्रकरण में पूर्व से ही अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी सामने आई थी, किंतु उन्होंने बिना कोई जांच पड़ताल के शासन की राशि ट्रांसफर कर दी। जबकि इस मामले में एक साल पहले ही मीडियाकर्मियों को भनक लगते ही जानकारी लेने विभाग में पहुंचे तो अधिकारियों ने जानकारी छुपा ली और इस तरह का कोई भी स्टेटमेंट देने से मना कर दिया।
चार नोटिस के बाद भी नहीं लौटाई राशि
पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार, छात्र को छात्रवृत्ति की राशि ब्याज सहित शासन के खाते में जमा कराने के लिए 6 मई, 1 जून, 16 जून और 28 जुलाई 2026 को पत्र जारी किए गए थे। इसके बावजूद राशि वापस नहीं की गई। इसके बाद 12 अक्टूबर को विभाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
अपने और पिता के खाते में ट्रांसफर किए लाखों रुपये
बैंक विवरण के मुताबिक, 19 और 20 सितंबर 2025 को छात्र ने अपने एचडीएफसी बैंक खाते में ₹21,70,059 और अपने पिता धर्मेंद्र धाकड़ के केनरा बैंक खाते में ₹15,35,035 ट्रांसफर किए। इस तरह दोनों खातों में कुल ₹37,05,094 पहुंचे। शिकायत में आरोप है कि 19 से 22 सितंबर के बीच राशि निकाल ली गई। पिता ने छात्रवृत्ति के लिए जमानतदार के रूप में बंधपत्र पर हस्ताक्षर भी किए थे।
इनका कहना है
हम इस मामले में और भी गहराई से जाएंगे जिससे इस प्रकार के प्रकरणों में पुनरावृति न हो। फिलहाल हमने सम्पूर्ण कार्यवाही के बाद छात्र और उसके पिता पर एफआईआर दर्ज करा दी है। अब शासन की राशि की रिकवरी कलेक्टर साहब के नेतृत्व की जाएगी। हालांकि ये बात सही है कि आप लोग पहले इस मामले की जानकारी लेने आए थे, लेकिन उस समय मुझे पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रभारी ट्राइबल डीओ बी सिसोदिया साहब ने ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक करने की परमीशन नहीं दी थी।

