सरपंच-सचिव की मिलीभगत और अधिकारियों की उदासीनता से निर्माण कार्य में लगाया जा रहा पलीता
ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कर निर्माण कार्य की जांच कराने लगाई गुहार
अशोकनगर। जिले की ग्राम पंचायत किर्रोदा में लाखों रुपये की लागत से ग्राम पंचायत सरपंच-सचिव निर्माण एजेंसी द्वारा कुशवाह मोहल्ला से अनुसूचित जाति बस्ती में निर्मित की जा रही सीसी सडक़ निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सडक़ निर्माण में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है तथा सरपंच और सचिव की मिलीभगत से शासन की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
दरअसल ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा। वहीं सडक़ में घटिया गुणवत्ता की गिट्टी और सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरपंच-सचिव की मिलीभगत और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते सडक़ में भ्रष्टाचार हो रहा है। अगर वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मॉनिटरिंग और मूल्यांकन कर्ता समय-समय पर कार्य का अवलोकन करें तो विकास कार्यों में मजबूती आ सकती है। यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई तो सडक़ कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो सकती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर न तो कोई सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही कार्य की स्वीकृत राशि, लंबाई एवं गुणवत्ता संबंधी जानकारी सार्वजनिक की गई है। इससे निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। फिलहाल ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता अशोक कुमार अहिरवार निवासी ग्राम कर्रोदा तहसील शाढ़ौरा जिला अशोकनगर का कहना है कि सरकारी धन जनता की सुविधा के लिए होता है, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से शिकायत कर निर्माण कार्य की जांच कराने कलेक्टर से गुहार लगाई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

