बस स्टैंड के मुख्य गेटों पर अवैध कब्जाधारियों ने छीना यात्रियों का सुख-चैन
मटके का पानी पीना भी हुआ मुश्किल, चाट-पकोड़ा और फल ठेला चालकों ने जमाया डेरा
नगरपालिका के गैर जिम्मेदाराना रवैया के चलते कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
गुना। शहर के एकमात्र जज्जी बस स्टैंड पर बस यात्रियों का चलना मुश्किल हो गया है। बस स्टैंड के मुख्य गेटों पर अवैध कब्जाधारियों ने जगह-जगह चाट, पकोड़े और फल ठेला चालकों सहित गुमठीधारियों ने अपने मनमाने अंदाज में कब्जा जमा लिया है। इससे यात्रियों को सुकून से दो पल बैठने तक जगह नही है। ऐसा लगता है कि मानो यात्रियों का सुख चैन तक छीन लिया हो। यहां बढ़ते अतिक्रमण और कब्जाधारियों की मनमानी से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल मामला ये है कि बस स्टैंड परिसर और उसके आसपास दुकानों, ठेलों तथा अस्थायी गुमठीधारियों के कारण यात्री सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। यात्रियों के बैठने, आने-जाने और बसों के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त स्थान तक नहीं बचा है। परिसर में ज्यादातर बाहरी लोगों ने कब्जा जमा लिया है जिनका यहां बोलबाला चल रहा है। यात्रियों ने बताया कि यहां आने वाले लोगों को मटका का पानी भी नसीब नही हो पा रहा है। हद तो तब हो जाती है जब कई बार फलों और चाट पकोड़े के ठेला संचालक यात्रियों से बदतमीजी करते देखे जाते हैं।
सडक़ पर बैठने को मजबूर यात्री, चरमराई व्यवस्था
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कब्जाधारियों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे बस स्टैंड की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बसों के प्रवेश और निकास में भी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। जगह के अभाव में ग्रामीण यात्री महिला-पुरूष जमीन पर बैठने को तक मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि नगरपालिका के गैर जिम्मेदाराना और उदासीन रवैया के चलते यहां कभी भी बड़ा हादसा होने से इंकार नही किया जा सकता।
बस स्टैंड परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड पर स्वच्छता, पेयजल और प्रतीक्षालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहले ही कमी है, ऊपर से अतिक्रमण ने उनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया है। कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

